Chaitra Purnima 2022: चैत्र पूर्णिमा कब है? शुभ मुहूर्त,उपासना, स्नान, दान

चैत्र पूर्णिमा कब है:- मित्रों जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे हिंदू धर्म में अनेकों त्यौहार मनाए जाते हैं हमारा हिंदू धर्म त्योहारों का धर्म है और ऐसा एक भी महीना नहीं बीतता जिसमें कोई खुशी देने वाला त्यौहार ना हो तो दोस्तों चलिए आज हम इससे पोस्ट के माध्यम से बात करेंगे चैत पूर्णिमा की

हिंदू नव वर्ष के प्रारंभ के महीने में चैत पूर्णिमा पड़ती है चैत्र पूर्णिमा रामनवमी से 6 दिन बाद पड़ती है 1 साल में कई पूर्णिमा पड़ती है लेकिन सबसे खास महत्व चैत पूर्णिमा का का होता है यह दिन बहुत ही शुभ लाभकारी वह कष्ट हरने वाला दिन माना जाता है। इस दिन अगर आप पूरे विधि विधान से भगवान सत्यनारायण माँ लक्ष्मी तथा हनुमान जी की पूजा व उपासना करते है तो आपके जीवन में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहेगी और जीवन के सभी कष्टों से आपको छुटकारा मिलेगा।

चैत्र पूर्णिमा कब है?

चैत्र पूर्णिमा चैत्र मास के 16 तारीख दिन शनिवार को है चैत्र पूर्णिमा 2022 में 16 अप्रैल को है चैत्र पूर्णिमा को विधि विधान से मनाये जिससे देवी देवता प्रसन्न होंगे और आपको ढेर सारी खुशियां देंगे जिससे आपका जीवन हमेशा सुखमय बना रहेगा।

Chaitra Purnima Muhurt – चैत्र पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

चैत्र पूर्णिमा कब है Chaitra Purnima Kab Hai
चैत्र पूर्णिमा कब है? Chaitra Purnima Kab Hai
चैत्र पूर्णिमा कब है?16-17 अप्रैल 2022
सूर्योदय का समयसुबह 6 बजकर 09 मिनट पर
सूर्यास्त का समयशाम 6 बजकर 44 मिनट
चंद्रोदय का समयशाम 6 बजकर 30 मिनट
शुभ मुहूर्त प्रारम्भसुबह 2 बजकर 26 मिनट
शुभ मुहूर्त समाप्त17 अप्रैल सुबह 12 बजकर 24 मिनट

चैत्र पूर्णिमा में उपासना करने की विधि

सबसे पहले आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।

आप स्नान नदी के जल में करें नदी में स्नान करने से शरीर के सभी रोग व दुख खत्म हो जाते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है इसलिए हो सके तो आप नदी के जल में ही स्नान करें अगर नदी में स्नान करने के लिए आप असमर्थ है तो घर में ही स्नान करें व स्नान के जल में नदी का जल मिला दे

स्नान करने के बाद आप भगवान सत्यनारायण की पूजा करें तथा दिनभर उपवास रखें पूजा करते समय आप भगवान विष्णु तथा मां लक्ष्मी की आराधना करें तथा आप दान पुन्य करें।

इस दिन दान धर्म करना बहुत ही शुभ होता है खासकर इस दिन मिट्टी के बर्तन का दान करें और अपनी इच्छा अनुसार बर्तन में कुछ रख दे।

रात के समय चंद्र दर्शन के बाद भगवान चंद्रमा को अर्घ अर्पित करें तथा अपने व्रत को तोड़े।

चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती

प्रिय मित्रों चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान श्री राम भक्त भगवान हनुमान का जन्म हुआ था।

इसलिए चैत्र पूर्णिमा के दिन ही हनुमान जयंती मनाई जाती है इन सभी कारणों से चैत्र पूर्णिमा को बहुत ही शुभ दिन माना जाता है जिसका उल्लेख शास्त्रों में भी मिलता है।

इसलिए इस दिन भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना व उपासना करना शुभ माना जाता है।

इस दिन भगवान हनुमान को सिंदूर, चोला व गुलाब के फूल का भेट चढ़ाना चाहिए।

1 thought on “Chaitra Purnima 2022: चैत्र पूर्णिमा कब है? शुभ मुहूर्त,उपासना, स्नान, दान”

Comments are closed.