पोषण अभियान 2022 – PM National Nutrition Mission 2022

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इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आधार बेस्ड भुगतानो की लगभग 28% राशि लाभार्थियों द्वारा दिए गए बैंक खातों में ना पहुंचकर दूसरे फर्जी बैंक खातों में जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली मां को पहले बच्चे के जन्म पर ₹5000 का तीन किस्तों में आधार- बेस्ड पेमेंट सिस्टम से भुगतान किया जाता है।

तो आइए आप जानते हैं कि पोषण अभियान क्या है

पोषण मिशन - PM-National-Nutrition-Mission-2022
पोषण मिशन – PM National Nutrition Mission 2022 – राष्ट्रीय पोषण मिशन

यहां Poshan का अर्थ Prime minister’s overarching scheme for Holistic Nutrition है।

POSHAN
PO = पोषण (POSHAN)
SH = शक्ति
A = अभियान

पोषण अभियान को आकार देने में नीति आयोग का विशेष योगदान रहा है इस अभियान का संचालन महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा किया गया ।

यह कुपोषण के खिलाफ विश्व का सबसे बड़ा अभियान है इस अभियान की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान के झुंझुनू से 8 मार्च 2018 को लांच किया गया था।

इस अभियान का उद्देश्य देश में 2025 तक क्रमशः औसत से कम लंबाई की समस्या, बच्चो के जन्म के समय कम वजन जैसी समस्या को दूर करना है।

इस अभियान में  लंबाई में कम, कुपोषण, एनीमिया (महिलाओं और किशोर लड़कियों में) और जन्म के समय कम वजन की समस्या को क्रमशः 2 परसेंट दो परसेंट तीन परसेंट और दो परसेंट प्रतिवर्ष की दर से कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

पोषण शक्ति अभियान का विवरण

योजना का नामपोषण अभियान 2022
योजना लागू वर्ष 8 मार्च 2018
किसने लांच कियामौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
अभियान लांच तिथि 8 मार्च 2018
अभियान लांच स्थानराजस्थान के झुंझुनू से
लाभार्थीकुपोषण पीड़ित महिलाये तथा बच्चे
योजना का उद्देश्यकुपोषण मुक्त भारत बनाना
योजना स्टेटसचालू
योजना पूर्ण समय2025
Official Websitehttp://poshanabhiyaan.gov.in/
योजना क्षेत्रसम्पूर्ण भारत
योजना लागू करने वाला देशभारत

पोषण अभियान के अंतर्गत 2022 तक निर्धारित विशेष लक्षणों में शामिल हैं।

पहले इस अभियान का लक्ष्य 2022 तक रखा गया था लेकिन फिर बाद में इसको बढ़ाकर 2025 तक कर दिया गया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 2025 तक औसत से कम लंबाई के स्तर में 25% सामान्य से कम वजन वाले बच्चों में 22.7% बच्चों में रक्ताल्पता के स्तर में 44.7% तथा महिलाओं में होने वाली रक्त की कमी के स्तर में 39.4% की कमी लाना है।

मिशन के आधार स्तंभ उनकी बात करें इसमें शामिल है शुरुआती 1000 दिनों के लिए त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण उपलब्ध कराना बेहतर सेवा प्रदायकी की विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा महिलाओं और बच्चों के लिए रियल टाइम विकास और ट्रेकिंग के लिए तकनीकी का उपयोग करना इस मिशन की जागरूकता हेतु आंदोलन करना।

पोषण माह

सितंबर 2018 को पोषण माह के रूप में मनाया गया था इसमें सामाज में कुपोषण से लड़ने पर जोर दिया गया था। इस पोषण माह का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था।

पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग द्वारा एक टेक्निकल सपोर्ट यूनिट की स्थापना की गई है।

नीति आयोग और उससे संबंध मॉनिटरिंग एंड इवेलुएशन ऑफिस पोषण अभियान के लिए शोध नीति निर्धारण और तकनीकी सहायता प्रदान करते हैं

नीति आयोग प्रत्येक 6 माह में पोषण अभियान के क्रियान्वयन की स्टेटस रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (Pmo) को सौपता है।

कुपोषण मुक्त भारत अभियान 2022

भारत में 4 से 5 करोड़ दोस्तों कुपोषित बच्चे है और सरकार का लक्ष्य है की 2025 इस सभी कुपोषित बच्चों को ठीक कर दे। जिसके लिए केंद्र सरकार ने 9046.17 करोड़ रुपए का बजट पेश की है।

कुपोषण अभियान में केंद्र सरकार ने जितना बजट पेश किया इस बजट में राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार दोनों का सहयोग शामिल था जिसमें केंद्र सरकार को कुल राशि का 60 परसेंट तथा राज्य सरकार को 40 परसेंट पैसा लगाना था।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान के तहत देशभर के सभी जिला अधिकारियों के साथ बैठक की गई और देश में तेजी से और कुशल निष्पादन को सक्षम बनाने के लिए प्रत्येक जिले में स्वच्छ भारत प्रेरकों को तैनात किया गया।

हर जिले में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने में जिला अधिकारियों का मुख्य योगदान था जिला अधिकारियों के योगदान के दम पर ही कुपोषण को हराया जा सका।

Global hunger index 2019 के रिपोर्ट के अनुसार भारत का 102वा रैंक है।

कुपोषण मुक्त भारत बनाने में हमें भी सरकार का साथ देना चाहिए।

कुपोषण से प्रभावित सबसे ज्यादा पांच राज्य

भारत राज्यों की बात करें तो सबसे पहला नाम पंजाब राज्य का आता है इसके बाद कर्नाटक केरल, झारखंड तथा असम ऐसे पांच राज्य में कुपोषण के सबसे अधिक मामले पाए जाते हैं

Mid day meal scheme का बदला हुआ नाम क्या है

प्रधानमंत्री पोषण योजना mid day meal का नया नाम।

1995 के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को सरकारी स्कूलों में कुपोषण को दूर करने के लिए एक समय का भोजन दिया जाता है

FAQs – PM National Nutrition Mission 2022 to 2025

Question. पोषण अभियान की शुरुआत कब और कहा हुयी थी।

Answer. ८ मार्च २०१८ को राजस्थान के झुंझुनू से हुयी थी।

Question. राष्ट्रीय पोषण अभियान 2022 का उद्देश्य क्या है?

Answer:- 2025 तक कुपोषण मुक्त भारत बनाना

Question. POSHAN का अर्थ?

Answer. POSHAN का अर्थ Prime minister’s overarching scheme for Holistic Nutrition है।

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