राष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाया जाता है? 2021 बालिका दिवस की थीम क्या है?

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day):- प्राचीन समय मे महिलाओं का बहुत सम्मान किया जाता था परंतु जैसे-जैसे समय लड़कियों के प्रति लोगों की सोच बदलने लगी थी।

बाल विवाह प्रथा, सती प्रथा, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या इत्यादि रूढ़िवादी प्रथा प्रचलित हुआ करती थी।

इसी कारण लड़कियों को शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार और चिकित्सा अधिकारों से वंचित रखा जाने लगा था।

लेकिन इस आधुनिकयुग मे फिर से बालिकाओं को सम्मान तथा उनके अधिकार देने के लिए दुनिया भर की सरकारें प्रयास कर रही है।

और ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि जितना लड़कों को छूट मिलती है उतना लड़कियों को भी मिलना चाहिए।

भारतीय सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है जिसके परिणाम स्वरूप विभिन्न प्रकार की योजना लागू कर रही है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे इसको कब से मनाया जाने लगा, राष्ट्रीय बालिका दिवस 2021 की थीम क्या है? आदि सभी विषयों के बारे में आज हम विस्तार से जानेंगे।

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National Girl Child Day इसका मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और उन्हें उनके अधिकार प्रदान करने में मदद करना ताकि दुनिया भर में उनके सामने आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके।

लड़कियों के प्रति होने वाली लैंगिक असमानता को खत्म करने के बारे में जागरूकता फैलाना भी है.

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस तथा National Girl Child Day का उद्देश्य है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाया जाता है?

भारत मे प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस 2008 में पहली बार मनाया गया था। तभी से आज तक मनाया जाता है।

बालिका दिवस 2021 की थीम

राष्ट्रीय बालिका दिवस

National Girl Child Day 2021 की थीम Digital Generation, our Generation है।

इसी थीम के साथ National Girl Child Day 2021 मनाया गया।

अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस के पीछे का इतिहास –

अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत सबसे पहले एक गैर-सरकारी संगठन “प्लान इंटरनेशनल” प्रोजेक्ट के रूप में की गई।

इस संगठन तथा कनाडा सरकार के प्रयासों की मदद से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाने लगा।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने 19 दिसम्बर, 2011 को इस प्रस्ताव को पारित किया। और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के लिए 11 अक्टूबर का दिन चुना।

पहला अंतराष्ट्रीय दिवस कब मनाया गया।

दुनिया भर में प्रथम अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस सर्वप्रथम 11 अक्टूबर 2012 को मनाया गया।

11 october 2012 में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत के बाद प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाता है।

2012 में पहली अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम थी ” बाल विवाह को समाप्त करना”।

हमारी भारतीय सरकार ने बालिकाओं के भविष्य को सशक्त व शुदृण बनाने के लिए बहुत सी योजनाओं को लागू किया।

भारत सरकार की बालिका योजनाए क्यों आवश्यक है?

जैसा कि हम सभी जानते है कि लड़कियों को हमेशा लड़कों की तुलना में कमजोर समझा जाता है।

लोग कहते है कि लड़कियां लड़कों की कभी बराबरी नही कर सकती है। लेकिन ऐसा कहना कितना सत्य है।

यह बिल्कुल ही गलत है।।

अगर समाज लड़कियों को आजादी दे तो लडकिया लड़को से कही ज्यादा आगे निकल सकती है।

लेकिन हमारे समाज की धारणा इतनी गलत है कि यह लड़कियों को आजादी देने से साफ इंकार है।

लेकिन सरकार द्वारा कुछ योजनाए लड़कियों की स्वतंत्रता व सम्मान को लेकर लागू की गई है जो सराहनीय है।

जिनमे से सबसे मुख्य योजना “बेटी बचाओं बेटी पढाओं” है।

कुप्रथाएं:-

बाल विवाह:- प्राचीन समय से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथायें जिसने लड़कियों को उनके सभी अधिकारों से वंचित किया।

यह कुप्रथा आधुनिक भारत मे भी जोर सोर से देखने को मिलती है। अभी भी इस आधुनिक युग मे लड़कियों का बाल विवाह बहुत संख्या में होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दू की लड़कियों की 14 से 16 साल जैसे होती है उनके माता पिता उनकी शादी कर देते है।

यह बाल विवाह इस समय सबसे ज्यादा समाज के उन लोगों/जातियों में देखने को मिलता है जो अशिक्षित है या बिल्कुल गरीब है।

ऐसे लोग अपने पेट पालने में असमर्थ होते है इसलिए अपने घर की लक्ष्मी के कच्ची उम्र में ही विवाह कर देते है।

खेलने-कूदने की उम्र में घर गृहस्थी संभालना शुरू कर देती है।

आपको क्या लगता है कि इसमें सरकारें की हद तक जिम्मेदार है।

क्या सरकार को समाज के ऐसे समुदाय को सुधारने की जरूरत है।

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