विश्व आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है? world Aboriginal day

विश्व आदिवासी दिवस- world tribal day

समाज मे लोगों का वर्गीकरण उनके रहन सहन के आधार पर किया गया है कुछ विकसित तो कुछ पिछड़े वर्ग में आते है जिनका जीवन हमेशा एक जगह से दूसरी जगह पर विस्थापित होता रहता है।

इन्ही लोगो को आदिवासी कहते है या यूं कहें कि जंगलो में निवास करने वाले लोगों के एक विशेष वर्ग को आदिवासी कहते है।

आदिवासी जीवन बहुत ही कठिन होता है इनके जीवन मे ऐसों-आराम नामक कोई चीज नही होती है।

जीवन जीने तथा पेट के भोजन के लिए यह लोग लगातर संघर्ष करते रहते है इनको एक समय के भोजन भर पेट मिलना बहुत ही मुश्किल है।

इसलिए आदिवासी समुदाय की बेहतरी तथा एक अच्छे जीवन के लिए यूनाइटेड नेशंस में सबसे पहले 9 अगस्त 1982 को एक महासभा का आयोजन किया।

इसमे आदिवासी समुदाय को मिलने वाले अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा आदि सभी विषयों का विशेष ध्यान दिया गया।

तो आइये जानते है कि अंतरार्ष्ट्रीय आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है तथा इसके मनाने के क्या उद्देश्य है।

विश्व आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है?, Vishv Aadivasi Diwas

अंतरार्ष्ट्रीय आदिवासी दिवस
अंतरार्ष्ट्रीय आदिवासी दिवस

अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस की पहली बैठक जेनेवा में 9 अगस्त 1982 में हुई थी। लेकिन पहला अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस 1995 को मनाया गया।

अंतरास्ट्रीय आदिवासी प्रतिवर्ष 9 अगस्त को दुनियाभर में मनाया जाता है। इस दिन आदिवासी जनजाति समुदाय के लोग अपनी अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करते है।

इस दिन राज्यों में सरकारी छुट्टी घोषित होती है तथा आदिवासी लोग सड़को पर जुलुस निकलते है।

तथा अपनी संस्कृति व् कला का प्रदर्शन करते है।

अपने बेहतरीन जीवन के लिए कामना करते है तथा सरकार द्वारा आदिवासियों के बेहतर जीवन के लिए विभिन्न योजनाए चलाती है.

जिसमें संस्कृति, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, मुक्त शिक्षा, राशन आदि की व्यवस्था शामिल होती है।

भारत मे लगभग 11 करोड़ आदिवासी भारत के विभिन्न हिस्सों में निवास करते है।

आदिवासी शब्द का अर्थ

आदिवासी शब्द का अर्थ होता है “मूल निवासी”।

अंतरार्ष्ट्रीय आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है?

अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पूरे विश्व के 90 से अधिक देशों निवास करने करने वाले आदिवासियों के जीवन को एक बेहतर जीवन देने के लिए मनाया जाता है

विश्व आदिवासी दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आदिवासियों के जीवन को बेहतरीन बनाने के लिए पूरे विश्व की सरकारों को सचेत करना है

जिसके परिणामस्वरूप सभी सरकारे आदिवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, भोजन, मकान, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था करें तथा आदिवासियो को सभी लोगों की तरह समान अधिकार मिले।

आदिवासी लोग हमेशा अपनी संस्कृति की रक्षा करते हैं अपनी संस्कृति को बरकरार रखते हैं।

हमारे देश भारत में अन्य को ही आदिवासी जनजाति पाई जाती हैं जो निम्न प्रकार से हैं जाट, भील, गौड़, कोल, कोली, सहरिया, असुर, मुण्डा, पारधी आदि।

यह सभी आदिवासी जनजातीया अभी भी अपनी संस्कृति तथा परम्परा को अपनाये हुए है।

इनकी संस्कृति ही इनकी असली पहचान है, आदिवासी लोग अपनी परम्परा को सदियों से चलाते आ रहे है।

Q&A

  • विश्व आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है?
  • उत्तर:- 9 अगस्त
  • 2022 में अंतरार्ष्ट्रीय आदिवासी दिवस कब मनाया जायेगा।
  • उत्तर:- 9 अगस्त, दिन मंगलवार
  • भारत में कितने आदिवासी निवास करते है?
  • उत्तर:- लगभग 11 करोड़

निष्कर्ष:-

आज हमने देश में निवास कर रही आदिवासी जनजाति के बारे में पढ़ा।

तथा यह जानने की कोशिश की, की आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है।

जिसके परिणाम स्वरुप हमें पता चला की प्रति वर्ष 9 अगस्त को आदिवासी दिवस मनाया जाता है।

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