विश्व पर्यावरण दिवस | World Environment Day 2022

विश्व पर्यावरण दिवस:- वर्तमान समय में पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा संकट तथा चेतावनी पर्यावरण प्रदूषण है।

दिन प्रतिदिन जल प्रदूषण वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण मृदा प्रदूषण आदि।

सभी प्रदूषण में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

विश्व पर्यावरण दिवस-World Environment Day
विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)

मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए इतना लोधी हो चुका है

कि हुआ पर्यावरण को इस प्रकार दूषित कर दिया कि पर्यावरण में सांस लेना भी कठिन हो गया है।

यह इतना बड़ा संकट है कि ऐसे ही बढ़ता रहा तो 1 दिन पूरे पृथ्वी को अपनी चपेट में ले लेगा इसलिए दुनिया भर के सभी देशों को एक साथ एकत्रित होकर इस भयावह संकट से निजात पाने के लिए कुछ न कुछ उपाय करना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर जागृति लाने के लिए सन 1972 में एक घोषणा की थी।

इसका मतलब 1972 से इस को घोषित किया गया।

और 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया गया था।

पहला पर्यावरण दिवस कब मनाया गया था इसकी थीम क्या थी?

अगर सबसे पहले स्लोगन की बात की जाए तो वर्ष 1974 में पहली बार केवल एक पृथ्वी या कहिए कि “ओनली वन अर्थ” थीम को लेकर के विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था।

पहला विश्व पर्यावरण सम्मेलन – first world environmental conference

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाने की शुरुआत स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुई.

और यहां 1972 में पहली बार पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें लगभग 119 देशों ने भाग लिया था.

विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य क्या है?

लोगों को हमारे की सुरक्षा के लिए प्रेरित तथा जागरूक करना और सचेत करने के उद्देश्य से ही हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है।

इस को मनाने के लिए हर साल एक थीम रखी जाती है।

जिसके आधार पर विश्व पर्यावरण दिवस को मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण 2021 की थीम क्या है?

वर्ष 2021 की थीम है ECOSYSTEM restoration इसका अर्थ है क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके परिस्थितिक तंत्र को बेहतर बनाने में सहयोग देना

या परिस्थितिक तंत्र का संरक्षण करना, बचाव करना इसकी देखभाल करना आदि।

पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के कारण

पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के विभिन्न कारण है इसे और विस्तार से समझते हैं।

वनों की अंधाधुंध कटाई:-

मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इस कदर भटक चुका है कि उसको स्वयं के अलावा और कुछ नहीं दिख रहा है।

मनुष्य अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जंगलों की कटाई जीव-जंतुओं की हत्या आदि।

जैसे कामों को अंजाम देने में थोड़ी भी संकोच नहीं करता है।

यही वजह है कि आज वर्तमान समय में दुनिया में जंगलों की संख्या बहुत ही कम बची है।

इतनी तेजी से जंगलों की कटाई हो रही है कि कुछ ही समय में दुनिया भर से सारे जंगलो का नामो निशान मिट जाएगा।

इसका मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि हुई है क्योंकि बढ़ती जनसंख्या को रहने के लिए जमीन घर आदि की आवश्यकता पड़ती है।

जिसकी वजह से जंगलों को काट कर वहां से घर बनाया जाता है कुछ भी कहे लेकिन इन सभी का जिम्मेदार मनुष्य ही है।

कार्बन का उत्सर्जन

गाड़ियों के प्रयोग, बड़े बड़े कारखानों से निकला हुआ धुंआ, कचरा, प्लास्टिक का प्रयोग, ज्वालामुखी, जंगलों में लगी आग आदि से कार्बन का उत्सर्जन बहुत तेजी से हो रहा है।

जिसके कारण ओजोन परत भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

अभी हाल ही में कार्बन को कम उत्सर्जन के लिए दुनिया भर के तमाम देशों ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में मीटिंग की थी।

ईंधनों के जलने से निकलने वाला धुआं इतना हानिकारक होता है कि यह वातावरण में मिलकर वातावरण को दूषित कर देता है।

जिसकी वजह से वातावरण में रहने वाले सभी जीवित प्राणियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

कभी-कभी कुछ जगहों पर हालत इतनी खराब हो जाती है कि सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।

जिसकी वजह से जीवित प्राणी अपनी जान गवा देते हैं

अगर पर्यावरण प्रदूषण (environmental pollution) के खिलाफ आज हमने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो एक बहुत बड़ी तबाही हो सकती है।

यही समय है दुनियाभर के तमाम देशों को एक साथ आकर विश्व पर्यावरण प्रदूषण (world environmental pollution) को रोकने के लिए कठिन से कठिन कदम उठाना चाहिए।

अन्यता बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण से हम सभी जीवित प्राणियों तथा पृथ्वी को बहुत क्षति पहुंच सकती है।

अगर आप लोग यह पोस्ट पढ़ रहे हैं।

तो हमें भी इसके खिलाफ अपना सहयोग देना चाहिए हम भी चाहे तो कई तरीकों से पर्यावरण प्रदूषण(environmental pollution) को कम करने के लिए सहयोग दे सकते हैं।

जैसे:-

हम अपने आसपास के वातावरण में जहां हम निवास करते हैं

उस जगह अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और यह जरूर कोशिश करें कि हरे-भरे वृक्षों को ना काटे और किसी को ना काटने दे।

गंदगी काम फैलाये, कचरे को हमेशा कूड़ेदान में ही डाले, ईंधनों को कम मात्रा में जलाये जिससे कम धुंआ हो आदि।

अगर हम सभी ने संकल्प ले लिया तो हम सभी के सहयोग से पर्यावरण प्रदूषण को कम करके इसे दूषित होने से बचा सकते हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण

बढ़ते हुए पर्यावरण प्रदूषण (environmental pollution) में प्लास्टिक का भी बहुत योगदान है क्योंकि हम जो प्लास्टिक उपयोग करते हैं।

उपयोग करने के बाद उसको फेंक देते हैं।

और वही प्लास्टिक कई तरह से जैसे मिट्टी के नीचे दबकर, नदी नालों में मिलाकर उसे दूषित करता है।

इसलिए हम जो प्लास्टिक उपयोग में करते हैं उपयोग करने के बाद हमें उसे नष्ट कर देना चाहिए।

या तो सरकार को प्लास्टिक की जगह कागज से बने थैलियों का इस्तेमाल करने पर जोर देना चाहिए।

क्योंकि प्लास्टिक कई सालों तक नष्ट नही होता है वह अपनी उसी अवस्था में कई वर्षों तक पड़ा रहता है।

जिससे काफी प्रदूषण फैलता है।

प्रदूषण फैलने की इन सभी वजहों के जिम्मेदार हम सभी मनुष्य है।

हमने अपनी ही पृथ्वी माँ को नष्ट होने के कगार पर ले आया है।

लेकिन हम अभी भी अपनी इस गलती को सुधार सकते हैं।

जिसके लिए हम सभी को एक साथ आकर पर्यावरण प्रदूषण को फ़ैलाने से रोकना होगा।

तो कौन कौन मेरी इस बातों से सहमत हैं और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करना चाहता है।

आप अपनी राय हमसे साँझा कर सकते हैं।

Related Q&A

  • विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है उत्तर:- 5 जून
  • विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का उद्देश्य

उत्तर:- विश्व पर्यावरण मनाने का उद्देश्य है कि हमें लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना जिससे पर्यावरण की सुरक्षा की जा सके। और अपने आने वाली पीढ़ी को एक अच्छा सा बहुत सुंदर वातावरण देना है।

  • विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम क्या है?

उत्तर:- वर्ष 2021 की थीम है ECOSYSTEM restoration

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