शमी का पेड़ की पहचान कैसे करें? कही आप गलत पौधे की पूजा तो नही कर रहे हैं।

शमी का पेड़ की पहचान:- अगर हम बात करें पेड़ पौधों की तो भारतीय परंपरा के अनुसार पेड़ पौधों को एक विशेष महत्व दिया जाता है।

तथा इनकी पूजा की जाती है इन में से एक है।

शमी का वृक्ष भारतीय परंपरा के अनुसार शमी का वृक्ष बहुत ही शुभ माना जाता है शमी के वृक्ष की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न रहते हैं।

भगवान शिव की पूजा करते समय शमी के वृक्ष की पत्तियों तथा फूल को चढ़ाया जाता है।

इसको चढाने से भगवान शिव प्रसन्न होते है।

भगवान शिव के अलावा भगवान शनि देव को भी प्रसन्न करने के लिए शमी के वृक्ष की पूजा की जाती है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शनि देव को न्यायाधीश की उपाधि प्राप्त है इसलिए घर में सुख समृद्धि के लिए लोग शमी का वृक्ष लगाते हैं।

तथा इसकी पूजा करते हैं इनमें से कुछ लोग शमी का पेड़ की पहचान नहीं कर पाते हैं तथा घर में गलत पौधे ले आते हैं।

जिससे उनके घर में हमेशा दुख भरा माहौल रहता है तथा धन की हानि होती है।

इसलिए हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको यह बताएंगे कि शमी के वृक्ष की पहचान कैसे करते हैं तथा घर में शमी के वृक्ष को लगाकर दुखों से बचा जा सके।

शमी के वृक्ष की पहचान कैसे करें

शमी का पौधे की पहचान
शमी का पेड़ की पहचान

बाजार में पेड़ विक्रेताओं के पास शमी के वृक्ष की तरह कई पौधे मौजूद होते हैं।

जो लोगों को शमी का बीज बताकर थक देते हैं इसलिए हम आपको शमी के वृक्ष की पहचान करना बताएंगे।

सबसे पहले हम आपको बता दें कि शमी के वृक्ष की बातें छुईमुई का पौधा होता है।

जिसकी पत्तियां वह बहू सभी के बीच की तरह होती है लेकिन इनमें एक अंतर होता है।

शमी के वृक्ष की पत्तियां किसी भी मौसम में हरी रहती हैं।

लेकिन छुईमुई की पत्तियों में ऐसा नहीं होता है।

शमी के पौधे की पत्तियां मोटी होती हैं लेकिन छुईमुई पौधे की पत्तियां पतली होती है।

कुछ लोग के अनुसार शमी के पौधे में फल आता है. लेकिन यह गलत बात है शमी के पौधों में कभी फल नहीं लगता है छुईमुई के पौधे में फल लगता है

शमी का पौधा 10 से 20 मीटर ऊंचा होता है तथा इसके फूल में तीन रंग पाए जाते हैं।

पहला गुलाबी रंग इसके बाद हल्का पीला तथा गहरा पीला रंग इस तरह शमी के पौधे की पहचान उसके फूल से भी की जा सकती है।

लेकिन सेम इसी तरह का फूल छुईमुई के पौधे में भी होता है लेकिन उसमें सिर्फ एक रंग होता है।

आप बाजार में शमी का पौधा खरीदने जाए तो शमी का पेड़ की पहचान अच्छे ढंग से करें अन्यथा पौधा विक्रेता आपको गलत पौधा दे देगा जिसके बाद आपको हानि ही हानि होगी।

शमी के वृक्ष का पौराणिक महत्व

शमी के वृक्ष को हिंदू पुराणों में भी बहुत ही शुभ माना गया है।

हिंदू धर्म के अनुसार दशहरे के समय शमी के वृक्ष की पूजा करना बहुत ही लाभकारी होता है समय के बीच सीधे तौर से हमारी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है.

शमी के वृक्ष को किस दिशा में लगाना चाहिए

शमी के वृक्ष को सिर्फ लगाने से काम नहीं बनता है इसको एक निश्चित दिशा में लगाना पड़ता है।

वह दिशा कौन सी है यह जानते हैं,

शमी के पौधे को अपने घर में अगर पूर्व और उत्तर दिशा के कोने में लगाएं तो इसका लाभ मिलता है।

समय के वृक्ष से भगवान शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है।

प्रत्येक शनिवार को सलोनी के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं इससे घर में सुख समृद्धि आएगी।

तथा धन का लाभ मिलेगा हर दिन आपकी तरक्की होगी

शमी के पौधें का वैज्ञानिक नाम क्या है?

शमी के पौधे का वैज्ञानिक नाम Prosopis Cineraria है।

इसका scientific name Prosopis Cineraria है।

शमी का पौधा किस दिन लगाना चाहिए

शमी का पौधा हर समय नहीं लगाना चाहिए। इसके लिए कुछ शुभ समय निर्धारित किया गया है।

इसको लगाने के सही समय की बात करे तो सावन के महीने में शनिवार को लगाना चाहिए।

तभी आपके ऊपर भगवान शिव की कृपा होगी।

अन्यता और किसी भी दिन शमी के पौधे को लगाने से लाभ नहीं मिलेगा।

निष्कर्ष:- इस पोस्ट के माध्यम से हमने यह जाना की शमी का पेड़ की पहचान कैसे करे।

तथा इसको लगाने से क्या लाभ मिलते है। और शमी के वृक्ष का पौराणिक महत्व क्या है।

ऐसे ही कुछ खास टॉपिक लेकर हम आपकी सेवा में हमेशा तत्पर रहेंगे।

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