Encyclopedia Of Forest “Tulsi Gowda Biography”- Padma Award

Tulsi Gowda Biography in Hindi:- आज कल पद्मश्री से सम्मानित तुलसी गौड़ा की चर्चा भारत के साथ साथ पूरी दुनिया में हो रहा है आखिर किस वजह से तुलसी की चर्चा हो रही है और क्यों इन्हे पद्मश्री अवार्ड से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया आइये जानते हैं।

Tulsi Gowda ने किस क्षेत्र में योगदान दिया इन सभी के बारे में हम विस्तृत से जानेंगे।

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तुलसी गौड़ा के जीवन परिचय के साथ साथ इनके सम्पूर्ण कामो के बारे में बात करेंगे, जो उन्होंने देश तथा पर्यावरण को सुधारने के लिए किये हैं।

Tulsi Gowda Biography In Hindi- तुलसी गौड़ा का जीवन परिचय

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Tulsi Gowda Biography In Hindi

8 नवंबर 2021 को जब राष्ट्रीय भवन में तुलसी गौड़ा Tulsi Gowda का नाम पुकारा गया तो पूरे भवन में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी।

तुलसी गौड़ा के आगमन से वहां बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह ने तालिया बजाकर स्वागत किया।

तुलसी गौड़ा ने अपने 72 साल के जीवन में 30 हजार से अधिक पेड़ पौधों को लगाया।

और वे सभी पौधे आज तक न तो मुरझाये है न ही सूखे है।

इनके इस काम की वजह से इनको जंगलो की इनसाइक्लोपीडिया (Encyclopedia Of Forest) के नाम जानी जाती हैं।

और तुलसी गौड़ा को लोग “वनदेवी” तथा “जंगलो की देवी” के नाम से जानते है।

नाम तुलसी गौड़ा ( Tulsi Gowda )
उपनाम वनदेवी, जंगलो की देवी, Encyclopedia Of Forest
जन्म तिथि 1944 में
जन्म स्थान कर्नाटक के हुनरली गांव
जनजाति Halakki
उम्र 72 वर्ष
रंग सावला
उपलब्धि 30 हजार से अधिक वृक्षारोपण
चर्चा की वजह पद्मश्री अवार्ड से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित
पद्मश्री अवार्ड तिथि 8 नवंबर 2021

तुलसी गौड़ा का शुरुआती जीवन

तुलसी गौड़ा का जन्म कर्नाटक राज्य के हुनर्ली गांव के Halakki जनजाति में हुआ था।

इनके पिता की मृत्यु इनकी बाल्यावस्था में हो गयी उस समय इनकी उम्र 2 साल थी।

पिता की मृत्यु के बाद पूरे परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा।

घर मे खाने के लिए कुछ नही बचा था कोई घर को चलाने वाला नही था इसलिए तुलसी गौड़ा ने अपनी माँ के साथ पास के ही नर्सरी में काम करने लगी।

इन्होने काम के चलते जीवन में कभी भी शिक्षा ग्रहण नहीं की, इनको स्कूल जाने का मौका ही नहीं मिला।

15 साल की कम आयु में इनकी शादी हो गयी और 50 वर्ष की अवश्था आते आते इनके पति का देहांत हो गया।

70 साल की उम्र तक इन्होने नर्सरी की देख भाल की और 72 वर्ष की अवश्था में इनको पद्मा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

(Encyclopedia Of Forest), जंगलो की देवी, वनदेवी

तुलसी गौड़ा को पेड़ पौधों के बारे में बारे में इतनी अच्छी जानकारी है उतना शायद वैज्ञानिको को भी नहीं हो.

उन्होंने अपने जीवन में जितने भी पौधे लगाए है उन सभी के बारे में तुलसी गौड़ा के पास जानकारी है।

शायद इसीलिए उनको Encyclopedia Of Forest, जंगलो की देवी और वनदेवी जैसे नामों से जाना जाता हैं।

यहाँ तक की पेड़ पौधों के विशेषज्ञ भी तुलसी गौड़ा से पेड़ो की जानकारी लेने आते हैं। यह हैं हमारे भारत की वनदेवी।

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