जीरो की खोज किसने किया है? Zero Ki Khoj Kisne Kiya Hai?

जीरो की खोज किसने की थी?, Zero Ki Khoj Kisne Kiya Hai?, zero ki khoj kisne ki thi aur kab thi?

मनुष्य जीवन में अंको का कितना महत्व है आप सब लोग बखूबी जानते हैं कोई भी काम हो पढ़ना हो लिखना हो जोड़ना घटाना या किसी प्रकार का गणितीय काम हो उसमें अंको का बहुत महत्व होता है।

जीरो जोकि अकेले हो तो इसका कोई महत्व नहीं है लेकिन यही किसी दूसरे अंक 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 अंकों के साथ में आ जाए तो इसका महत्व बहुत बढ़ जाता है।

एक बार आप ही सोच कर देख लीजिए की अगर Zero का अविष्कार नहीं हुआ होता तो हम सभी गणितीय कार्य कैसे करते, और यहां तक की पैसों का लेन-देन का हिसाब आदि नहीं हो सकता।

और जीरो ना हो तो हम 100, 101, 1000, 10000 आदि जीरो के प्रयोग से लिखे जाने संख्या वाली हम कैसे लिखते।

तो आइए हम जानते हैं कि इस जीरो की खोज किसने की थी? या जीरो की खोज कब हुई थी? या जीरो की खोज किसने किया था?

Zero Ki Khoj Kisne Kiya Tha, Zero Ki Khoj Kab Huyi Thi.

जीरो की खोज किसने किया था (zero ki khoj kisne ki thi)

zero ki khoj kisne ki thi
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जीरो की खोज 628ईस्वी में ब्रह्मगुप्त नामक गणितज्ञ ने किया था, लेकिन जीरो के आविष्कार को लेकर विद्वानों में बहुत मतभेद है।

क्योकि कुछ विद्वानों के अनुसार जीरो की खोज आर्यभट्ट ने किया था।

जीरो की खोज कब हुई थी?

जीरो की खोज 628 ईसा पूर्व में हुई थी। जीरो की खोज एक क्रांतिकारी युग की खोज हैं।

जिसने गणितज्ञों को हिला कर रख दिया।

ब्रह्मगुप्त और आर्यभट्ट दोनो को क्यों जीरो का आविष्कार माना जाता हैं?

ब्रह्मगुप्त ने ही शून्य (Zero) के चिन्ह की खोज की थी।

लेकिन वह जिस चिन्ह का प्रयोग करते थे वह उसे “कुछ भी नही” मानते थे। और वह चिन्ह शून्य (0) की तरह नही था। वह चिन्ह दशमलव तथा स्टार (., *) की तरह दिखता था।

लेकिन आर्यभट्ट ने इन्ही चिन्हों को सही तरफ दर्शाया तथा इसका नाम शून्य (जीरो) रखा।

आर्यभट्ट की ही देन हैं की आज पूरी Zero के बारे में जानती हैं तथा उसका उपयोग बखूबी ढंग से करती हैं।

जीरो की खोज कितना मत्त्वपूर्ण हैं?

अगर बात है की जीरो की खोज कितनी महत्वपूर्ण है तो आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर आपको बिना जीरो का इस्तेमाल किए हुए 100 लिखना हो तो कैसे लिखेंगे लिखकर दिखाइए।

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि जीरो की खोज का कितना महत्व है।

अगर आप किसी संख्या में जीरो का गुणा करते हैं तो अक्सर जीरो ही प्राप्त होता है।

लेकिन अगर उसी संख्या के आगे जीरो बढ़ा दिया जाए तो उस संख्या का कितना महत्व हो जाता है।

जैसे – गुणा करने पर 9×0 = 0

     जीरो बढ़ा देने पर 9000

पाई की खोज किसने की थी?

पाई की खोज सन 1706 ईसवी में विलिया जोन्स ने की थी।

लेकिन कुछ इतिहासकारों की मानें तो आर्यभट्ट ने सबसे पहले पाई के मान का सही सही अनुमान लगाया था।

लेकिन आर्यभट्ट को पाई का खोजकर्ता नहीं माना जाता है।

दशमलव की खोज किसने की थी?

दशमलव की खोज चंद्रशेखर वेंकट रमन ने की थी।

इस दशमलव की खोज 1200-1600 ईसा पूर्व में हुआ था।

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